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ंइग टे ोलॉजी - CITS


            लेडीज़  ाउज़ का ड  ा  ंग (Drafting of Ladies Blouse)
















            ाउज़ मिहलाओं  ारा पहना जाने वाला एक  कार का टॉप है, जो गद न या कं धे से लेकर लगभग कमर तक शरीर को ढकता है, िजसम  कॉलर और
           आ ीन हो सकते ह  या नहीं। यह एक िमिड  फ-बा रंग प रधान है, जो भारत,  ीलंका, बां ादेश आिद म  आमतौर पर पहना जाता है, और इसे साड़ी के
           साथ जोड़ा जाता है। साड़ी- ाउज़ संयोजन एक पारंप रक भारतीय पोशाक है।  ाउज़ को शरीर पर कसकर िफट करने के  िलए काटा और िसलाया
           जाता है, िजसम  आमतौर पर िन िल खत िह े शािमल होते ह :
           -  डाट् स

           -  पीछे  का बोिडस

           -  सामने का बोिडस

           -  आ ीन
           डाट् स डाट् स  ाउज़ को अ ी तरह िफट करने म  मह पूण  भूिमका िनभाते ह । ब  के  शीष  के  आसपास रखे गए डाट् स कसावट सुिनि त करते ह ।
           सामने के  बोिडस म  एक से चार डाट् स (िच  2 देख ) और पीछे  के  बोिडस म  आमतौर पर दो डाट् स,   ेक तरफ एक, िसलाए जाते ह । डाट  का आकार
           शरीर के  आकार पर िनभ र करता है, और  मुख ब  वाली आकृ ित के  िलए चार डाट् स लेने की सलाह दी जाती है। आजकल,  ाउज़ बुने  ए कपड़ों
           से भी िसलाए जाते ह , जो िबना डाट् स के  कसकर िफट होते ह ।

           पीछे  का बोिडस- पीछे  का बोिडस आमतौर पर दो डाट् स के  साथ एक समान शैली म  काटा और िसलाया जाता है। इसम  अ र ऊँ ची गद न और क   -
           सामने या कभी-कभी क   -पीछे  एक दो-टुकड़े वाला  ैके ट होता है।  ैके ट का उद् घाटन आमतौर पर  क-और-धागे की आँख फा नरों से बंद िकया
           जाता है, हालाँिक इ ानुसार िसलाई- वेश बटन भी इ ेमाल िकए जा सकते ह ।  ाउज़ की शैली म  िविवधता इसके  िह ों म  संशोधन से उ   होती
           है। कु छ िडज़ाइनों म , पीछे  का बोिडस सामा  अनुपात से थोड़ा ऊँ चा िकया जाता है। पीछे  के  बोिडस को कढ़ाई, मोती, गांठ वाली र  यों, या अ
           िडज़ाइनों से सजावटी  प िदया जा सकता है।

           सामने का बोिडस- पीछे  के  बोिडस के  िवपरीत, सामने का बोिडस आमतौर पर सजावटी िफिनश के  िबना िसलाया जाता है,  ों िक यह साड़ी  ारा पूरी
           तरह ढक जाता है। बेहतर िफट के  िलए कपड़े को बायस पर काटने की सलाह दी जाती है, हालाँिक सही िफट के  िलए िविभ  किटंग शैिलयों का उपयोग
           िकया जाता है। सामने का बोिडस कमर बे  के  साथ या िबना िसलाया जा सकता है। कटोरी  ाउज़ म  डाट् स नहीं होते, ब   सामने का बोिडस
           अलग-अलग कटोरी िह ों (ऊपरी कटोरी, िनचली कटोरी, और साइड पीस के  साथ िसली कमर बे ) से बनाया जाता है, जो ब  पर अ ा िफट देता
           है। यह शैली उ री भारत म  आम है। सेमी-कटोरी  ाउज़ एक कप पीस या कटोरी के  साथ िसलाया जाता है। बे ेड  ाउज़ म  सामने के   ाउज़ के
           नीचे एक अलग पैनल होता है।

           आ ीन-  ाउज़ िबना आ ीन या आ ीन के  साथ िसलाए जा सकते ह । छोटी आ ीन सबसे आम ह , हालाँिक ब त छोटी या पूण  लंबाई की आ ीन
           भी उपयु  ह । पफ,  ेयड , या पाइ ड आ ीन जैसे सजावटी आ ीन शैिलयाँ सौंदय  अपील जोड़ती ह । आ ीन को  ाउज़ िडज़ाइन के  अनु प
           र  यों, मोितयों, या लू  के  साथ अनुकू िलत िकया जा सकता है। आ ीन का िनचला िह ा हेम से समा  िकया जाता है। रैगलन  ाउज़ म  रैगलन
           आ ीन शािमल होती ह ।













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                                            CITS : प रधान -   ंइग टे ोलॉजी - पाठ 37
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