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ंइग टे ोलॉजी - CITS




           लागत के  िविभ   कार

           लागत के  चार  कार होते ह :
           1  िफ  कॉ ्स

           ये लागत    र होती ह , अथा त ये उ ादों की सं ा के  अनुसार नहीं बदलतीं। भूिम या उपकरण की कीमत िफ  कॉ  का उदाहरण है।

           2  वै रएबल कॉ ्स
           ये लागत  उ ादों की सं ा के  अनुसार बदलती ह । क ा माल और  म वै रएबल कॉ  के  उदाहरण ह ।

           3  ऑपरेिटंग कॉ ्स

            वसाय इन लागतों को  ितिदन उ ादन बनाए रखने के  िलए वहन करता है। यूिटिलटी कॉ ्स, ऑिफस स ाईज़, या ा  य आिद इस  ेणी म  आते
           ह ।

           4  डायरे  कॉ ्स
           ये लागत  सीधे उ ादन से जुड़ी होती ह । उदाहरण के  िलए, यिद कोई कार कं पनी चार िदनों म  एक कार बनाती है, तो उस उ ादन म  उपयोग िकए गए
           क े माल और  म से उस कार की डायरे  कॉ  बनती है।

           गारम ट उ ोग म  कॉ  ंग कॉ  ंग का उपयोग गारम ट उ ोग म  िकसी िनधा  रत मू  सीमा के  भीतर िकसी िडज़ाइन के  उ ादन की िव ीय  वहाय ता
           िनधा  रत करने के  िलए िकया जाता है, जो लि त बाजार के  िलए  ीकाय  हो। कॉ  ंग िनमा ता को िडज़ाइन की लाभ संभावनाओं की पहचान करने म
           स म बनाता है, िजससे यह तय िकया जा सके  िक उस िडज़ाइन को लाइन म  जोड़ा जाए या नहीं।

           एक बार जब कोई िडज़ाइन लाइन म  जोड़ िदया जाता है, तो अगली  ेज की कॉ  ंग लाइन बजट बनाने और बेस सेिलंग  ाइस तय करने म  सहायता
           करती है। कॉ  ंग नए उपकरणों की खरीद या  मता िव ार िनवेश को उिचत ठहराने म  भी सहायक होती है।
           कॉ  ंग के  चरण

           पूरा गारम ट िनमा ण  ि या चार  ापक चरणों म  कॉ  ंग की जाती है:
           •    ारंिभक या  ी-कॉ  ंग, जो उ ाद िवकास  ि या के   ी-अडॉ शन चरण म  की जाती है, अथा त स पल बनने से पहले। यह िडज़ाइन से  ा अपे ा
              की जा सकती है, इसका मोटा अनुमान देती है, जो समान शैिलयों पर आधा रत होता है। इससे अ िधक महंगे िडज़ाइनों को छांटने या संशोिधत
              करने म  सहायता िमलती है।

           •   लाइन अडॉ शन की कॉ  , जो िडज़ाइन के  िलए साम ी,  म और ओवरहेड्स म  अपेि त िनवेश िनधा  रत करने के  िलए की जाती है। इस चरण म
              शैली को घटकों और असे ली  ि याओं म  िवभािजत कर उसकी िव ीय  वहाय ता और एक िनधा  रत मू  िबंदु पर उ ादन की संभावना आंकी
              जाती है। यह स प  और उपल    डड  डेटा पर आधा रत होता है।
           •   पो -अडॉ शन या  ी- ोड न कॉ  ंग, िजसे िडटे  कॉ  ंग या टेक िडज़ाइन कॉ ्स भी कहा जाता है। इसम  िविश  उ ादन िविधयों (मशीन
               कार, SPI, मटे रयल ह डिलंग िविधयाँ, लेआउट आिद) और कॉ  ंग   डड् स (इन-हाउस   डड् स, PMTS आिद) के  आधार पर िव ृत कॉ  ंग
              शािमल होती है। इसे वा िवक उ ादन शु  होने से पहले पो -अडॉ शन चरण म  िकया जाता है।
           •   असली लागत (Actual costs), जो उ ादन के  दौरान और बाद म  आंकी जाती है। इसम  साम ी और  म की लागत  शािमल होती ह , िज    ाइल
              के  िलए िनधा  रत बजट से तुलना की जाती है। यह कॉ  ंग  ाइल म  बदलाव के  िलए भी उपयोगी होती है तािक खच  को िनधा  रत बजट तक सीिमत
              रखा जा सके ।
           उ ाद लागत

           गारम ट िनमा ताओं के  िलए लागत की तीन मु   ेिणयाँ ह : डायरे  मटे रय  (Direct materials) — कु ल लागत का लगभग 50% डायरे  लेबर
           (Direct labour) — कु ल लागत का लगभग 20% ओवरहेड्स (Overheads) — कु ल लागत का लगभग 30%:
           •   मटे रयल कॉ ्स (Material Costs): जैसा िक नाम से    है, इसम  उ ाद की सभी साम ी लागत  आती ह , जैसे फै ि क,  ेड, िट    आिद।

           •   लेबर कॉ ्स (Labour Costs): इसम  गारम ट उ ादन म  सीधे तौर पर शािमल कम चा रयों की मजदू री आती है, जैसे किटंग, िसलाई और िफिनिशंग
              हे स  और ऑपरेटस ।



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                                            CITS : प रधान -   ंइग टे ोलॉजी - पाठ 40
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