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इले  ॉिन  मैके िनक - CITS




                                             ी फे ज वेवफॉम  (Waveform of Three-phase)



















                                 हाफ-वेव  ी-फे ज रे  िफके शन (Half-wave Three-phase Rectification)

















           तो यह  ी-फे ज हाफ-वेव रे  फायर सिक  ट कै से काय  करता है।   ेक डायोड का एनोड वो ेज स ाई के  एक फे ज से जुड़ा होता है, िजसम  तीनों
           डायोड के  कै थोड एक ही पॉिजिटव पॉइंट से जुड़े होते ह , िजससे  भावी  प से डायोड-“OR” टाइप  व था बनती है। यह कॉमन पॉइंट लोड के  िलए
           पॉिजिटव (+) टिम नल बन जाता है, जबिक लोड का नेगेिटव (-) टिम नल स ाई के   ूट ल (N) से जुड़ा होता है।
           लाल-पीला-नीला (V – V  – V ) का फे ज रोटेशन मानते  ए और रेड फे ज (VA) 0° से शु  होता है। सबसे पहले डायोड डायोड 1 (D ) कं ड  होगा,
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                               C
                            B
                        A
            ों िक इसके  एनोड पर डायोड D  या D  की तुलना म  अिधक पॉिजिटव वो ेज होगा। इस  कार डायोड D  V  के  पॉिजिटव हाफ-साईकल  के  िलए
                                  2
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                                                                                   1
                                                                                     A
           कं ड  होता है, जबिक D और D  अपनी  रवस -बे ड  ेट म  होते ह ।  ूट ल वायर लोड करंट को स ाई म  वापस लाने के  िलए एक वापसी पथ  दान
                                 3
                            2
           करता है।
           120 इले   कल िड ी बाद म , डायोड 2 (D ) V  (येलो फे ज) के  पॉिजिटव हाफ-साईकल के  िलए कं ड  करना शु  कर देता है। अब इसका एनोड
                                           B
                                        2
           डायोड D  और D  की तुलना म  अिधक पॉिजिटव हो जाता है जो दोनों “OFF” ह   ों िक वे  रवस -बे ड   ह । इसी तरह, 120° िड ी बाद म  VC ( ू
                  1
                       3
           फे ज) डायोड 3 (D ) को “ON” करने के  िलए बढ़ना शु  कर देता है  ों िक इसका एनोड अिधक पॉिजिटव हो जाता है, इस  कार डायोड D  और
                                                                                                          1
                        3
           D  को “OFF” कर देता है।
            2
           िफर हम देख सकते ह  िक  ी-फे ज रे  िफके शन के  िलए, जो भी डायोड अ  दो डायोड की तुलना म  अपने एनोड पर अिधक पॉिजिटव वो ेज रखता
           है, वह ऑटोमेिटकली कं ड  करना शु  कर देगा, िजससे एक कं ड न पैटन  िमलेगा: D  D D  जैसा िक िदखाया गया है।
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             िचंग सिक  ट (Switching Circuit)
             िचंग की यह िविध से र और  रसीवर के  बीच एक डेिडके टेड क ुिनके शन पथ  थािपत करती है। यहां नेटवक   म  मौजूद दो  ेशनों के  बीच
           िफिजकल  प म  िलंक  थािपत िकया जाता है।   ेक क ुिनके शन सेशन के  िलए िलंक  थािपत, बनाए रखा और समा  िकया जाएगा। सिक  ट
             िचंग का सबसे आम उदाहरण एनालॉग टेलीफोन नेटवक   है।
             िचंग की यह िविध स डर और  रसीवर के  बीच एक कां  ट िबट िडले और िफ  डेटा रेट चैनल  दान करती है। पूण  चैनल  मता कने न की
           अविध के  िलए समिप त है। जब डेटा को स डर से  रसीवर तक ट ांसफर िकया जाना होता है, तो सबसे पहले स डर कने न की  थापना के  िलए   िचंग
            ेशन को  र े   भेजता है।  रसीवर एक ऐ ािल   के  साथ उ र देता है। ऐ ािल   िस ल  ा  करने के  बाद स डर डेटा ट ांसिमशन शु
           करता है। इस   िचंग का उपयोग आमतौर पर वॉयस सिक  ट के  िलए िकया जाता है। प  क    ड टेलीफोन नेटवक  , डेटािकट, ISDN का B चैनल,
           ऑि कल मेश नेटवक  , आिद सिक  ट-   ड नेटवक   के  कु छ उदाहरण ह ।


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                                CITS : इले  ॉिन  & हाड वेयर - इले  ॉिन  मैके िनक - पाठ 223 - 236
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