Page 373 - CITS - Electronic Mechanic - TT - Hindi
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इले   ॉिन  मैके िनक - CITS



                                                                    मॉ ूल 22 : सव  मोटर (Servo motor)


           पाठ 237 - 241 : सव  मोटर (Servo motor)


            उ े

           इस पाठ के  अंत म  आप यह जान सक  गे
           •  सव  मैके िन  की   थित म  शािमल िविभ   ेप को बता सक  गे
           •  सव  मोटर की कं ट ोल िविध को बता सक  गे
           •  सव  ड  ाइव का अ यन कर सक  गे।

           सव  मैके िन  (Servo Mechanism)

           सव  मैके िन  एक  ो -लूप कं ट ोल िस म है जो मैके िनकल िस म की   थित, वेग या  रण को कं ट ोल करने के  िलए फीडबैक का उपयोग करती
           है। इसम  आमतौर पर एक मोटर, एक स सर (जैसे एक एनकोडर या पोट  िशयोमीटर) और एक कं ट ोलर होता है। स सर कं ट ोलर को फीडबैक  दान करता
           है, जो  वांिछत   थित या मोशन को  ा  करने के  िलए मोटर के  आउटपुट को एडज  करता है। सव  मैके िन  का उपयोग आमतौर पर रोबोिट ,
           एयरो ेस िस म और इंड   यल ऑटोमेशन म  मोशन के  सटीक कं ट ोल के  िलए िकया जाता है।


             सव  मोटर (Servo Motor)
           काय  िस ांत (Working principal)

           सव  मोटर एक  कार का रोटरी ए  ूएटर या लीिनयर ए  ूएटर है जो कोणीय या रै खक   थित, वेग और  रण के  सटीक िनयं ण (precise control)
           की अनुमित देता है। इसम  एक मोटर होती है जो पोजीशन फीडबैक के  िलए एक स सर के  साथ यु  त होती है, आमतौर पर एक पोट  िशयोमीटर या
           एक एनकोडर। यह फीडबैक सव  मोटर को  ा  होने वाले कं ट ोल िस ल के  आधार पर अपनी   थित को सटीक  प से एडज  करने की अनुमित
           देता है। सव  मोटस  का उपयोग रोबोिट , इंड   यल ऑटोमेशन, CNC मशीनरी और  रमोट-कं ट ो   ीकल जैसे िविभ  ए ीके शन म  उनकी हाई
           ि िसशन और कं ट ोलिबिलटी  के  कारण  ापक  प से िकया जाता है।

           मोटस  और सव  मोटस  के  बीच अंतर (Difference between Motors & Servo Motors)
           एक रेगुलर मोटर और एक सव  मोटर के  बीच मु  अंतर उनके  कं ट ोल और ि िसशन म  िनिहत है

           1  कं ट  ोल (Control): रेगुलर मोटर आमतौर पर पावर लागू होने पर लगातार घूमती रहती ह  और  ीड और डायरे न को  बंिधत करने के  िलए
              ए टन ल कं ट ोल मैके िन  (जैसे मोटर ड  ाइवर) की आव कता होती है। दू सरी ओर, सव  मोटस  म  िब -इन कं ट ोल िस म शािमल होती है जो
              सटीक   थित और वेग कं ट ोल को स म करती है।

           2  ि िसशन (Precision): सव  मोटर हाई ि िसशन ए ीके शन के  िलए िडज़ाइन िकए गए ह , जो   थित, वेग और  रण के  ए ूरेट कं ट ोल की
              अनुमित देते ह । वे आम तौर पर फीडबैक मैके िन  (जैसे एनकोडर या पोट  िशयोमीटर) को शािमल करते ह  जो मोटर की वत मान   थित के  बारे म
              जानकारी  दान करते ह , िजससे सटीक एडज म ट संभव होता है।
           3  उपयोग (Usage): रेगुलर मोटरों का उपयोग आमतौर पर उन टा  के  िलए िकया जाता है जहाँ सरल घूण  गित की आव कता होती है, जैसे िक
              फै न चलाना या क ेयर बे  चलाना। सव  मोटर उन अनु योगों म  उ ृ   ह  जो सटीक और कं ट ो  मोशन की मांग करते ह , जैसे िक रोबोिटक
              आ  , CNC मशीन और कै मरा िग ल।

           4  लागत (Cost): सव  मोटर अपने िब -इन कं ट ोल िस म और ि िसशन क ोन ट के  कारण रेगुलर मोटरों की तुलना म  अिधक महंगी होती ह ।

           सं ेप म , जबिक दोनों  कार की मोटर  इले   कल एनज  को मैके िनकल मोशन म  प रवित त करती ह , सव  मोटर बेहतर कं ट ोल और ि िसशन  दान
           करती ह , जो उ   ए ूरेट पोजीशन और मोशन कं ट ोल की आव कता वाले अनु योगों के  िलए आदश  बनाती ह ।
           सव  मोटर के   कार (Types of Servo Motor)

           सव  मोटरों को उनके  िनमा ण, कं ट ोल िविध और अनु योग के  आधार पर िविभ   कारों म  वग कृ त िकया जा सकता है। यहाँ कु छ सामा   कार िदए
           गए ह :


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