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इले   ॉिन  मैके िनक - CITS

                                    मॉ ूल 19: PLC और इले   ॉिनक  ुमेिटक (PLC & Electronic pneumatic)


           पाठ 180 - 187 : PLC


            उ े
           इस अ ास के  अंत म  आप यह जान सक  गे
           • PLC के  बारे म  बता सक  गे
           • PLC के  िडजाइन, काय  िस ांत और अनु योग के  बारे म  बता सक  गे।



           प रचय (Introduction)

           PLC एक िडिजटल कं  ूटर है िजसका उपयोग  ांट म  इले  ोमैके िनकल  ि याओं के  ऑटोमेशन के  िलए िकया जाता है। PLC को  कई इनपुट और
           आउटपुट  व थाओं के  िलए िडज़ाइन िकया गया है, तािक हम स सर से डेटा  ा  कर सक  , इसके  साथ काम कर सक   और ए  ूएटस  को कमांड
           कर सक  ।

           कं ट  ोल टे ोलॉजी का िवकास (Evolution of control technology)
           पहला  ो ामेबल लॉिजक कं ट ोलर (PLC) 1968 म  जनरल मोटस  के  इंजीिनयरों के  एक समूह  ारा िवकिसत िकया गया था, जब कं पनी जिटल  रले कं ट ोल
           िस म को बदलने के  िलए एक िवक  की तलाश कर रही थी।  ू कं ट ोल िस म को िन िल खत आव कताओं को पूरा करना था:

           •  िसंपल  ो ािमंग

           •  िस म ह  ेप (इंटरव शन) के  िबना  ो ाम प रवत न (कोई इंटरनल रीवाय रंग नहीं)

           •  संबंिधत  रले कं ट ोल िस म की तुलना म  छोटा, स ा और अिधक िव सनीय
           •  सरल, कम लागत वाला रखरखाव

           इनपुट मॉ ूल का फं  न आने वाले िस ल को ऐसे िस ल म  बदलना है िज   PLC  ारा संसािधत िकया जा सकता है, और उन िस ल को क   ीय
           कं ट ोल यूिनट तक प ँचाना है।  रवस  टा  एक आउटपुट मॉ ूल  ारा िकया जाता है। यह PLC िस ल को  ांट ए  ूएटस  को संचािलत करने और
           उ   लागू करने के  िलए उपयु  िस ल म  प रवित त करता है। िस ल की वा िवक  ोसेिसंग स ट ल कं ट ोल यूिनट म  तथा मेमोरी म   ोर  ो ाम के
           संबंध म  की जाती है।

           PLC के  लाभ (Advantages of PLCs)
           PLC की िवशेषताओं को िन िल खत  प म  िन िष त िकया जा सकता है:

           वे मजबूत होते ह , औ ोिगक वातावरण जैसे हीट, नमी, यांि क झटके  तथा कं पन को झेल सकते ह

           PLC बेस िस म म  हम िस म मॉनीटर पर देखकर आसानी से फा  के  इ ज़ै  लोके शन की पहचान कर सकते ह , लेिकन पारंप रक  रले िस म म
           फा  के  लोके शन की पहचान करना मु  ल होता है।
           यिद हम सिक  ट म  कोई प रवत न करना चाहते ह , तो PLC बेस िस म म  हम के वल लैडर डाय ाम सिक  ट को बदलकर तथा िस म म  अपलोड करके
           सिक  ट को आसानी से संशोिधत कर सकते ह , लेिकन ओवर  रले बेस िस म म  सिक  ट को संशोिधत करना ब त मु  ल होता है, हम  इसे नए से
           बदलना पड़ता है।

           PLC बेस िस म  ारा पावर की खपत  रले बेस िस म की तुलना म  ब त कम होती है।

           एक ही PLC िस म म  कई िडवाइस (जैसे अलाम , मोटर, स सर,  ेशर गेज, आिद) लगाए जा सकते ह , लेिकन  रले बेस िस म म  सभी िडवाइस को एक
           िस म म  लाना संभव नहीं है, इसिलए हम  उ   अलग-अलग एडज  करने की आव कता है।
           कु छ PLC को HMI (ह्यूमन मशीन इंटरफे स) से जोड़ा जा सकता है, जहाँ हम एक छोटी िड  े यूिनट  ारा मोटर टिम नल से िडवाइस को आसानी से
           संचािलत कर सकते ह , यह  रले बेस िस म म  संभव नहीं है।





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