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इले   ॉिन  मैके िनक - CITS
































































           PLC टाइमर (PLC TIMERS)

           कई कं ट ोल टा  के  िलए समय की  ो ािमंग की आव कता होती है। उदाहरण के  िलए, िसल डर 2 को िव ा रत करना है, यिद िसल डर 1 को वापस
           ले िलया जाता है - लेिकन के वल कु छ सेकं ड की देरी के  बाद। PLC के  टाइमर सॉ वेयर मॉ ूल के   प म  साकार होते ह  और िडिजटल टाइिमंग
           की जनरेशन पर आधा रत होते ह । िवलंब समय के  वै ू को  ोर करने के  िलए िस म मेमोरी म  मेमोरी  ेस आवंिटत िकया जाता है। टाइमर एड ैस
           का  ितिनिध  मै ुफै  रर से मै ुफै  रर म  िभ  होता है। समझने के  िलए हम टाइमर एड ेस के  िलए T1, T2 का उपयोग कर गे। कमिश यल PLC
           म  उपल  टाइमर की सामा  सं ा 64, 128, 256, 512 या इससे भी अिधक होती है। टाइमर को     प से रीसेट करने के  िलए, रीसेट पोट  पर
           1 का RLO लागू करना होगा।
           टाइमर दो  कार के  होते ह  (There are two types of timer):-

           PLC ऑन िडले टाइमर (PLC on delay timer): टाइमर  ाट  इनपुट िस ल  ा  करने पर ON  ेट म  होगा और  ीसेट टाइिमंग पर प ंचने पर
           आउटपुट की िस ल  ेट 1 से 0 म  बदल जाती है।  ाट  इनपुट पर RLO ( रज  ऑफ़ लॉिजक ऑपरेशन) के  0 से 1 (ON) म  प रवत न के  संदभ  म
            ीसेट समय पर प ंचने पर आउटपुट की िस ल  ेट 0 से 1 म  बदल जाती है। काया  क डाय ाम Fig 1.6 म  िदखाया गया है




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                                CITS : इले   ॉिन  & हाड वेयर - इले   ॉिन  मैके िनक - पाठ 180 - 187
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