Page 332 - CITS - Electronic Mechanic - TT - Hindi
P. 332
इले ॉिन मैके िनक - CITS
PLC टाइमर (PLC TIMERS)
कई कं ट ोल टा के िलए समय की ो ािमंग की आव कता होती है। उदाहरण के िलए, िसल डर 2 को िव ा रत करना है, यिद िसल डर 1 को वापस
ले िलया जाता है - लेिकन के वल कु छ सेकं ड की देरी के बाद। PLC के टाइमर सॉ वेयर मॉ ूल के प म साकार होते ह और िडिजटल टाइिमंग
की जनरेशन पर आधा रत होते ह । िवलंब समय के वै ू को ोर करने के िलए िस म मेमोरी म मेमोरी ेस आवंिटत िकया जाता है। टाइमर एड ैस
का ितिनिध मै ुफै रर से मै ुफै रर म िभ होता है। समझने के िलए हम टाइमर एड ेस के िलए T1, T2 का उपयोग कर गे। कमिश यल PLC
म उपल टाइमर की सामा सं ा 64, 128, 256, 512 या इससे भी अिधक होती है। टाइमर को प से रीसेट करने के िलए, रीसेट पोट पर
1 का RLO लागू करना होगा।
टाइमर दो कार के होते ह (There are two types of timer):-
PLC ऑन िडले टाइमर (PLC on delay timer): टाइमर ाट इनपुट िस ल ा करने पर ON ेट म होगा और ीसेट टाइिमंग पर प ंचने पर
आउटपुट की िस ल ेट 1 से 0 म बदल जाती है। ाट इनपुट पर RLO ( रज ऑफ़ लॉिजक ऑपरेशन) के 0 से 1 (ON) म प रवत न के संदभ म
ीसेट समय पर प ंचने पर आउटपुट की िस ल ेट 0 से 1 म बदल जाती है। काया क डाय ाम Fig 1.6 म िदखाया गया है
320
CITS : इले ॉिन & हाड वेयर - इले ॉिन मैके िनक - पाठ 180 - 187

